Gandhi Mimansa evam Bhartiya Sanskriti (गांधी मीमांसा एवं भारतीय संस्कृति)

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इस पुस्तक में गांधी के विभिन्न विचारों पर आधारित सामग्री का संकलन किया गया है. खादी पर गांधी का दृष्टिकोण अद्वितीय है. खादी को उसका प्राचीन गौरव दिलाने और पुन:स्थापित करने का काम महात्मा गांधी ने किया। धीरे-धीरे खादी स्वदेशी का पर्याय बन गया। लोगों ने इसे हृदय से स्वीकार किया। अपनी जरूरत के अनुसार कातना और पहनने लायक बुनने की सामूहिक कोशिश शुरू हो गई. और यह धन अर्जन का साधन बनता गया। मनुष्य की सामान्य जरूरत को पूरा करने में खादी सक्षम है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि आवश्यकता से अधिक धन अर्जन करने से मनुष्य की प्रकृति और प्रवृत्ति बदल जाती है। फिर हम धीरे-धीरे शोषक की श्रेणी में आ जाता हैं। चरखा सबसे पवित्र यंत्र है जिसमें ईश्वर का वास है। यह गरीब से गरीब आदमी की क्षुधा को तृप्त कर सकता है और उसको सम्मान दिला सकता है।

Description

Publisher ‏ : ‎ VL Media Solutions; 1st edition (21 March 2024); VL Media Solutions, B-59-A, Gulab Bagh, Uttam Nagar, New Delhi-110059, India, Phone- +91- 8076369772
Language ‏ : ‎ Hindi
Hardcover ‏ : ‎ 164 pages
ISBN-10 ‏ : ‎ 8196319851
ISBN-13 ‏ : ‎ 978-8196319854
Reading age ‏ : ‎ 18 years and up
Item Weight ‏ : ‎ 350 g
Dimensions ‏ : ‎ 21.59 x 13.97 x 3.81 cm
Country of Origin ‏ : ‎ India
Packer ‏ : ‎ VL Media Solutions, B-59-A, Gulab Bagh, Uttam Nagar, New Delhi-110059, India, Phone- +91- 8076369772